ईरान ने अमेरिका से बातचीत रोकी, होर्मुज को बंद करने की घेराबंदी शुरू

तेहरान। ईरान ने अमरीका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता कथित तौर पर निलंबित कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने सोमवार को मध्यस्थों के जरिए अमरीका के साथ हो रहे संदेशों के आदान-प्रदान रोक दिए हैं। ईरान का यह कदम क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि के बीच आया है, जो तेहरान और वॉशिंगटन के बीच राजनयिक प्रयासों को जटिल बना सकता है। इससे दोनों देशों के बीच आठ अप्रैल से जारी कमजोर सीजफायर के टूटने और फिर से लड़ाई शुरू होने का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की ओर से लेबनान में लगातार हमले किए जा रहे हैं। लेबनान में लड़ाई रुकना युद्धविराम की मुख्य शर्तों में से था। इजरायल ने लेबनान समेत कई मोर्चों पर युद्धविराम का बार-बार उल्लंघन किया है।

इस रवैये से नाराज ईरानी वार्ताकारों की टीम मध्यस्थों के जरिए अमरीका से बातचीत और संदेशों के आदान-प्रदान को रोक रही है। ईरान ने होर्मुज में भी फिर से सख्ती से बंदी का संकेत दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार शाम को अपने एक ट्वीट में इजरायल की ओर से लेबनान में किए जा रहे हमलों पर गुस्सा जताया है। उन्होंने साफ कहा कि लेबनान में हमलों को हम सभी मोर्चों पर युद्धविराम का उल्लंघन मानेंगे। उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद ही ईरान की ओर से बातचीत रोकने की बात सामने आई है।

होर्मुज में ईरानी टोल व्यवस्था को कतर ने जायज ठहराया है। कतर के उप प्रधानमंत्री ने कहा कि अस्थायी तौर पर जो टोल व्यवस्था है, उसे गलत नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैं स्थायी टोल व्यवस्था के खिलाफ हूं, इसका कतर हर जगह विरोध करेगा। कतर का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब ईरान और अमरीका के बीच होर्मुज खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। कतर पर्दे के पीछे इस डील का नेतृत्व कर रहा है।