धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार अब एक ऐतिहासिक और अनूठी इंजीनियरिंग का गवाह बनने जा रहा है। जल्द ही इस एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले बड़े विमान मांझी खड्ड की जलधारा के ठीक ऊपर से रफ्तार भरते नजर आएंगे। एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई बढ़ाने के लिए मांझी खड्ड पर करीब 380 मीटर लंबा एक विशेष पुल बनाया जाएगा, जिसके ऊपर ही नई हवाई पट्टी का निर्माण होगा। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद कांगड़ा एयरपोर्ट हिमालयी क्षेत्र का पहला और देश का दूसरा ऐसा एयरपोर्ट बन जाएगा, जहां नदी के ऊपर बने ढांचे पर रनवे तैयार होगा। उधर, उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा का कहना है कि प्रदेश सरकार इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
इसी कड़ी में भूमि अधिग्रहण के साथ ही मांझी खड्ड पर बनने वाले ब्रिज के तकनीकी पहलुओं पर भी काम शुरू हो गया है। पहाड़ी क्षेत्र में अपनी तरह की यह अनूठी पहल है। नदी के ऊपर रनवे बनाने का देश में अब तक केवल एक ही उदाहरण मौजूद है। इससे पहले चेन्नई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का रनवे अडयार नदी के ऊपर से गुजरता है। अब गगल एयरपोर्ट भी आधुनिक तकनीक अपनाने जा रहा है, जिससे हिमाचल प्रदेश देश के विमानन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
भारी वजन उठाएगा और बाढ़ से भी लड़ेगा
पहाड़ी क्षेत्र में यह ब्रिज केवल एक पुल नहीं होगा, बल्कि आधुनिक इंजीनियरिंग की एक मिसाल बनेगा। इस विशेष पुल को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि यह विमानों के भारी-भरकम वजन, लैंडिंग के समय होने वाले कंपन, कड़े सुरक्षा मानकों के साथ-साथ भूकंपीय गतिविधियों और बरसात में नदी के तेज बहाव को भी आसानी से झेल सके।
पर्यटन में होगा इजाफा, रोजगार भी मिलेगा
वर्तमान में कांगड़ा एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई सीमित होने के कारण बड़े विमानों के संचालन में भारी दिक्कतें हैं। रनवे के इस अनूठे विस्तार के बाद अधिक क्षमता वाले विमानों की आवाजाही आसानी से संभव हो सकेगी। इसका सीधा और सबसे बड़ा लाभ हिमाचल के विश्वप्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्रों को मिलेगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर हवाई सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटन कारोबार में भारी उछाल आने की उम्मीद है। इसके साथ हीरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन विभाग के उपनिदेशक विनय धीमान का कहना है नदी पर बनने वाले रनवे ब्रिज की नई पहल है। एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश का यह हवाई अड्डा देश के आधुनिक एयरपोर्ट नेटवर्क में अपनी एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाएगा। मांझी खड्ड पर बनने वाला यह रनवे ब्रिज आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्रों में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।