नई दिल्ली। पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए नीट पीजी 2026 का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। जयुपर के सीतापुर में दो एग्जाम सेंटर्स पर रद्द हुई नीट पीजी री-एग्जाम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। सीतापुर के दोनों एग्जाम सेंटर्स पर 2445 उम्मीदवार बिजली चले जाने और तकनीकि खराबी के चलते परीक्षा नहीं दे पाए थे। नीट-पीजी 2026 की तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित 2,445 अभ्यर्थियों के लिए प्रस्तावित री-एग्जाम को चुनौती देने वाली याचिका बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मेंशन की गई। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि इन अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश का उल्लंघन है।
उन्होंने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगवाई वाली बेंच के सामने वकील ने मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। पीठ ने वकील से कहा कि नीट से जुड़े सभी मामले जस्टिस पीएस नरसिम्हा की अगुवाई वाली बेंच के सामने सूचीबद्ध हैं। वहां जाकर मामले का उल्लेख करें। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज ने तकनीकी व्यवधान से प्रभावित 2,445 अभ्यर्थियों के लिए नीट-पीजी 2026 की पुनर्परीक्षा कराने का फैसला किया है। इसके खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
सीतापुर के एग्जाम सेंटर्स पर प्रभावित हुए 2445 उम्मीदवारों के लिए नीट पीजी का री-एग्जाम पांच सितंबर को आयोजित किया जाना है। याचिका में पुनर्परीक्षा के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेश के अनुरूप नहीं बताया गया है। अब मामला संबंधित पीठ के सामने आ सकता है।