अमेरिका का ईरान पर हमला, 19 लोगों की मौत, जवाबी कार्रवाई में ईरान ने दागे मिसाइल और ड्रोन

वाशिंगटन/तेहरान। अमरीका और ईरान के बीच वार-पलटवार के बाद मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमरीकी सेना ने तीन दिन में दूसरी बार ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी अमरीकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से अटैक किया। अमरीकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। ईरान का दावा है कि सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरने से पांच लोगों की जान गई, जिनमें चार साल का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं खुजस्तान प्रांत में हुए हमले में सात लोगों की मौत और आठ लोग घायल हुए।

अमरीका का कहना है कि उसने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमरीका की ओर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स से जुड़े ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद, ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में अमरीका के सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। ईरान ने कुवैत, जॉर्डन, बहरीन और एरबिल में मिसाइलों और ड्रोनों से अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उन्होंने 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका। बहरीन ने भी ईरानी ड्रोनों को रोकने की सूचना दी।

मोहम्मद गालिबाफ ने अमरीका को शैतान बताया
शादी समारोह पर मिसाइल हमले के बाद ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने अमरीका को शैतान कहा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जो ताकत शैतान की तरह काम करे, लोगों को मारे और निशाना बनाए, वह शैतान ही है। उन्होंने मीनाब के एक स्कूल पर हुए हमले का भी जिक्र किया। ईरान का दावा है कि इस हमले में 156 लोग मारे गए थे, जिनमें 120 बच्चे थे।

ट्रंप का बातचीत से इनकार
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ किसी भी तरह की तत्काल वार्ता की संभावना से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे फिलहाल मजबूत स्थिति में हैं, क्योंकि रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमरीका का ‘लगभग पूरा नियंत्रण’ है और ईरान की अर्थव्यवस्था ‘पूरी तरह ध्वस्त’ हो रही है। दोनों पक्षों की ओर से नए सिरे से शुरू हुई गोलीबारी ने इस तनाव के थमने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।