हरिद्वार, 30 मई : जिला गंगा संरक्षण समिति की 73वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नगर आयुक्त नंदन कुमार व प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए किसी भी दशा में कूड़ा-कचरा गंगा नदी में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए घाटों पर निरंतर निगरानी रखने तथा गंगा को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों द्वारा गंगा में कूड़ा-कचरा, पुराने कपड़े अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डाली जाए। इसके लिए सभी घाटों पर जागरूकता संबंधी साइन बोर्ड लगाने तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश नगर निगम को दिए गए।
जिलाधिकारी ने हरकी पौड़ी हर की पौड़ी क्षेत्र के घाटों एवं पुलों पर अतिक्रमण रोकने के लिए नियमित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही हरिद्वार शहर और हरकी पौड़ी क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने तथा उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने उन पुलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा जालियां लगाने के लिए कहा जहां इसकी आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त जनपद में संचालित सभी सीवेज, सेप्टिक टैंकरों का अनिवार्य पंजीकरण और सत्यापन कराने की भी हिदायत दी गई, साथ ही सीवेज को नालियों में डालने जैसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में सिंचाई विभाग, पेयजल निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नमामि गंगे परियोजना एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।