वाशिंगटन: अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह 1944 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय संधि के आधार पर पानी की आपूर्ति नहीं करता है, तो उसके सामानों पर अतिरिक्त पांच फीसदी आयात शुल्क लगाए जाएंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मेक्सिको के इस संधि का लगातार उल्लंघन करने से टेक्सास की फसलों और पशुधन को गंभीर नुक़सान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मैक्सिको अभी भी पिछले पांच बरसों में हमारी संधि का पालन करने में विफल रहने के कारण अमेरिका का 8,00,000 एकड़-फीट (98.64 करोड़ घन मीटर) से अधिक पानी का कर्ज़़दार है। अमेरिका को मेक्सिको से 31 दिसंबर से पहले 2,00,000 एकड़-फीट (24.66 करोड़ घन मीटर) पानी जारी करने की ज़रूरत है, और बाक़ी पानी जल्द ही आना चाहिए।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस पानी को फ़ौरन (तुरंत) जारी न किए जाने पर मेक्सिको पर पांच प्रतिशत शुल्क लगाने के दस्तावेज़ों को अधिकृत कर दिया है। गौरतलब है कि सन 1944 की जल संधि, को कोलोराडो और तिजुआना नदियों और रियो ग्रांडे के पानी के उपयोग पर संधि के नाम से भी जाना जाता है। इसके अनुसार अमेरिका को कोलोराडो नदी से मेक्सिको को सालाना 15 लाख एकड़-फीट (1.85 अरब घन मीटर) पानी भेजना होता है, जबकि मेक्सिको को पांच वर्षीय चक्रों में रियो ग्रांडे से अमेरिका को 17.5 लाख एकड़-फीट (2.2 अरब घन मीटर) पानी पहुंचाना अनिवार्य है। श्री ट्रंप ने इससे पहले भी 10 अप्रैल को इस मामले पर मेक्सिको को प्रतिबंधों और शुल्कों की धमकी दी थी। इसके बाद अप्रैल के अंत में दोनों पक्षों ने प्रगति की घोषणा की थी।
