रिकांगपिओ। जनजातीय जिला किन्नौर में बीते दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और ऊंचे इलाकों में हुए हिमपात के बाद सोमवार को मौसम ने करवट ली। दिन भर आसमान में बादलों की आवाजाही और कुछ एक क्षेत्रों में हल्की बारिश के बाद जिला के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिलने से तापमान में भी हल्का सुधार दर्ज किया गया। मौसम छंटते ही पिछले दो दिनों से ठप पड़ा सेब तुड़ाई का काम एक बार फिर जोर-शोर से शुरू हो गया हैए जिससे क्षेत्र के बागबानों ने राहत की सांस ली है।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों जिले के निचले, मध्यम व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब हार्वेस्टिंग का कार्य अपने शबाब पर है। ब सोमबार को मौसम साफ होते ही बागबान अपने बगीचों में सेब तुड़ाई, ग्रेडिंग और पैकिंग के कार्यों में जुट गए हैं। उत्पादक तेजी से अपने इस मुख्य नकदी फसल सेब को स्थानीय और बाहरी राज्यों की मंडियों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। टापरी के निकट सबसे संवेदनशील माने जाने वाले पागल नाला के पास गिरे मलबे को विभाग रविवार देर शाम मुस्तैदी से हटाकर मार्ग को यातायात के लिए पूरी तरह बहाल कर दिया है।
पागल नाला पर बहाल हुई वाहनों की आवाजाही
दो दिनों तक हुई भारी बरसात के कारण जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन होने से राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-05 सहित आधा दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग जगह-जगह अवरुद्ध हो रहे थे। हालांकि, सीमा सडक़ संगठन बीआरओ और लोक निर्माण विभाग द्वारा आबरूद मार्गों को खोलने का काम युद्धस्तर पर जारी है।