पुलिस ने 68 लाख की ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, विदेश भेजने का आरोपी भी दबोचा

देहरादून/रामनगर। उत्तराखंड पुलिस ने ठगी के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। देहरादून में उत्तराखंड एसटीएफ और साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 68 लाख रुपये की ठगी करने वाले राष्ट्रीय स्तर के साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, नैनीताल जिले के रामनगर में पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर 1.33 लाख रुपये की ठगी के मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह के अनुसार, एक 85 वर्षीय बुजुर्ग ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उनके पास WhatsApp पर वीडियो कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में किया गया है। इसके बाद आरोपियों ने बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर उनसे करीब 68 लाख रुपये ठग लिए।

शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस और एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की। जांच में ठगी की रकम से जुड़े एक खाते के धारक का नाम भभूताराम निवासी बाड़मेर, राजस्थान सामने आया। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम चौहटन, बाड़मेर पहुंची और स्थानीय पुलिस तथा मुखबिर तंत्र की मदद से लाभार्थी खाताधारक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में ठगी के पूरे नेटवर्क, रकम के लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल पर बातचीत न करें और किसी भी व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी विवरण या दस्तावेज साझा न करें।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने के नाम पर डराता या धमकाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कोई भी जांच एजेंसी ऑनलाइन तरीके से किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती। वहीं, रामनगर कोतवाली पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, रामनगर के मोहल्ला खताड़ी निवासी हैदर अली ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि उसके क्षेत्र में रहने वाले अयूब अंसारी, उत्तर प्रदेश के ठाकुरद्वारा निवासी अतिकुर रहमान और एक अन्य आरोपी ने उसे विदेश भेजने का झांसा देकर धोखाधड़ी की। आरोप है कि तीनों ने मिलकर उससे कुल 1 लाख 33 हजार रुपये ठग लिए।

न्यायालय के आदेश पर रामनगर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मामले में आरोपी अयूब अंसारी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया था, जबकि अतिकुर रहमान घटना के बाद से फरार चल रहा था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक तारा सिंह राणा को सौंपी गई थी। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने कई बार दबिश दी, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर फरार होता रहा। न्यायालय द्वारा आरोपी के खिलाफ वारंट भी जारी किया गया था।

बीते दिवस पुलिस को मुखबिर से आरोपी के संबंध में सटीक सूचना मिली। इसके बाद उपनिरीक्षक तारा सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर अतिकुर रहमान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के तहत न्यायालय में पेश किया गया। सीओ सुमित पांडे ने बताया कि अतिकुर रहमान करीब तीन साल से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम को सफलता मिली और आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया।