किन्नौर (रवीना कुमारी)। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा किन्नर कैलाश यात्रा का सरकारी शुभारंभ 30 जुलाई से होगा। यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने 58 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की है। इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। पहले चार दिनों के ऑनलाइन पंजीकरण स्लॉट महज चार घंटे में ही भर जाने से श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा गया।
जिला प्रशासन के अनुसार यात्रा केवल तांगलिंग-मेलिंग खट्टा-गुफा मार्ग से संचालित होगी। यात्रा की निगरानी के लिए नायब तहसीलदार कल्पा रविंदर ठाकुर की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति गठित की गई है। पुलिस, होमगार्ड, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग के कर्मियों को विभिन्न पड़ावों पर तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, पेयजल और पंजीकरण व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
प्रशासन ने प्रतिदिन 375 श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इनमें 175 ऑनलाइन, 125 ऑफलाइन तथा 75 स्लॉट किन्नौर एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के लिए आरक्षित रहेंगे। मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा कार्यक्रम में आवश्यक बदलाव भी किए जा सकेंगे।
किन्नौर कैलाश यात्रा आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम कल्पा प्रवीण भारद्वाज ने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान स्वच्छता अभियान पर विशेष जोर दिया गया है। श्रद्धालुओं को प्लास्टिक बोतल, बिस्कुट रैपर या अन्य प्लास्टिक सामग्री साथ ले जाने पर 50 रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी। वापसी के समय कचरा निर्धारित स्थान पर जमा करने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए पेयजल की व्यवस्था के साथ 12 स्वच्छ शौचालय भी बनाए गए हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और किसी भी सहायता के लिए 8580819827 तथा 9459457587 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की अपील की है।
गौरतलब है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में 18,116 श्रद्धालुओं ने किन्नर कैलाश शिवलिंग के दर्शन किए हैं। वहीं, वर्ष 2025 की यात्रा के दौरान हाइपोथर्मिया, पत्थर गिरने और फिसलने जैसी घटनाओं में पांच श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। इन हादसों को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को पहले से अधिक सुदृढ़ किया है।