वाशिंगटन। अमरीकी सीनेट ने रूस ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने वाले बिल को हरी झंडी दे दी है। यह बिल रूस से तेल या प्राकृतिक गैस खरीदने वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। इसमें भारत और चीन भी उन देशों में शामिल हैं, जिन पर इस बिल का असर पड़ेगा। इस बिल को दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया था। रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध के अलावा इस बिल में ईरान के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। ट्रंप का समर्थन पाने वाले इस प्रस्ताव पर सीनेटरों ने 86-12 के वोट से विचार-विमर्श शुरू करने पर सहमति जताई, जिससे यह पहली बाधा पार कर गया है।
इस बिल को दोनों दलों के सीनेटरों का समर्थन मिला है, लेकिन यह अभी कानून नहीं बना है। इसे अपने सीनेट में और चरणों से गुजरना होगा। सीनेट से पूरी तरह मंजूर होने के बाद इसे निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में विचार के लिए पेश होगा। इस कानून का मकसद रूस के ऊर्जा निर्यात को निशाना बनाकर यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए पुतिन पर दबाव बढ़ाना है। यह बिल ऐसे समय में आगे बढ़ाया गया, जब इसके मुख्य आर्किटेक्ट लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि दी गई। इस महीने ग्राहम का अचानक निधन हो गया था। लिंडसे ग्राहम यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता के मुखर आलोचकों में थे। इस मौके पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी ग्राहम को सम्मान देने कैपिटल हिल पहुंचे थे, जहां उन्होंने सीनेटरों से मुलाकात की।