शिमला, 25 जुलाई । नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर शिमला में शनिवार को कांग्रेस की ओर से कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किया। इसमें माकपा कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। कैंडल मार्च इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से शुरू हुआ और स्कैंडल प्वाइंट होते हुए रिज स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामले को लेकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल लोगों को संविधान की प्रस्तावना की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह कैंडल मार्च विभिन्न दलों के सहयोग से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों को न्याय दिलाने के लिए यह एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता न्याय की इस लड़ाई में संघर्ष कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, जिससे युवाओं को उनकी मेहनत का सही परिणाम मिल सके। उन्होंने नीट परीक्षा विवाद के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, वहां पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग से जुड़ी भर्ती परीक्षाओं में भी पेपर लीक के मामले सामने आए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन आयोग को भंग किया और उसके स्थान पर राज्य चयन आयोग का गठन किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा गया।
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को आवाज दी है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना जरूरी है, जिससे युवाओं का भरोसा कायम रह सके।
मुख्यमंत्री ने कैंडल मार्च के सफल आयोजन के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) और आम जनता का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर और संजय रतन, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, महासचिव विनोद जिंटा, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, पार्षदों सहित कांग्रेस और सीपीआईएम के नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।