चारधाम यात्रा की तैयारियों पर सख्त नजर, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने देहरादून में स्थित आईटी पार्क के आपदा नियंत्रण कक्ष में आज चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने यात्रा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि चारधाम-यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ-में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए जिला प्रशासन, बीकेटीसी (बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति) और अन्य हितधारकों को आपसी समन्वय के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि भीड़ अधिक बढ़ती है, तो पिछले वर्षों की तरह रात्रिकालीन दर्शन व्यवस्था को भी सक्रिय किया जा सकता है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन मिल सकें।

मुख्य सचिव ने यात्रा मार्गों के निचले क्षेत्रों में बनाए गए होल्डिंग एरिया को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय किया जाए और वहां पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा, भोजन एवं अन्य आवश्यक बुनियादी सेवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं।

आगामी मानसून सीजन को देखते हुए उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी बारिश और भूस्खलन की स्थिति में प्रभावी निकासी योजना पहले से तैयार रखी जाए।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर एयरलिफ्ट की स्थिति के लिए युकाडा को भी अपनी इमरजेंसी निकासी योजना तैयार रखनी चाहिए।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित जनपदों को राशन, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में पंजीकरण व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य परीक्षण को भी अनिवार्य रूप से मजबूत किया जाए। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालु, छोटे बच्चे और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को यात्रा न करने के लिए जागरूक किया जाए। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल तथा एडीजी वी. मुरूगेशन सहित सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।