देहरादून: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से आज लोक भवन में ‘उत्तराखण्ड यूनाइटेड दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन’ के सदस्यों और विजेता खिलाड़ियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने के लिए सभी खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनकी सराहना की।
भोपाल में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्यपाल को अवगत कराया कि हाल ही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अंतरराष्ट्रीय टी-20 व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत, श्रीलंका और नेपाल की टीमों के बीच कड़े मुकाबले हुए। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा और फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया।
उत्तराखंड के ‘त्रिमूर्ति’ का रहा अहम योगदान
इस गौरवशाली उपलब्धि में उत्तराखंड के तीन जांबाज खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनके प्रदर्शन ने भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित की। मनोज परमार कप्तान के रूप में न केवल टीम का कुशल नेतृत्व किया, बल्कि शानदार बल्लेबाजी और कप्तानी रणनीति से श्रीलंका को पछाड़ा, विकास लांबा टीम के प्रमुख खिलाड़ी के रूप में गेंद और बल्ले से उत्कृष्ट योगदान दिया, हरेन्द्र सिंह निर्णायक मोड़ पर महत्वपूर्ण विकेट लेकर और तेजी से रन बनाकर जीत में मदद की।
राज्यपाल का संदेश: “आत्मविश्वास और संकल्प की जीत”
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत केवल एक खेल की जीत नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, अटूट संकल्प और कठिन परिश्रम का प्रतीक है। उन्होंने कहा, दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए जिस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराया है, वह देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आपकी यह मेहनत साबित करती है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी बाधा आपको सफलता पाने से नहीं रोक सकती।”
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि ये खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड और भारत का नाम रोशन करते रहेंगे। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेश साह सहित अन्य प्रतिभागी खिलाड़ी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
