डोभाल की मॉस्को यात्रा: तनाव के बीच महत्वपूर्ण वार्ता

नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल अपनी रूस यात्रा के लिए मॉस्को पहुंचे हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो 7 अगस्त से लागू हो सकता है। डोभाल की यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी, रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।

इस यात्रा के दौरान, भारत और रूस के बीच एक बड़े तेल समझौते की संभावना जताई जा रही है। डोभाल अपनी बैठकों में रूसी अधिकारियों के साथ तेल आपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। भारत ने पहले भी स्पष्ट किया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए रूसी तेल खरीदना जारी रखेगा, क्योंकि यह घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सस्ता है।

रक्षा सहयोग भी एजेंडे में रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, डोभाल की यात्रा का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाना है। इसमें रूस से बाकी बचे S-400 मिसाइल रक्षा प्रणालियों की जल्द डिलीवरी और भविष्य के रक्षा सौदों पर चर्चा शामिल है। यह यात्रा भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का भी संकेत देती है, जिसमें वह बाहरी दबावों के बावजूद अपने दीर्घकालिक साझेदारों के साथ संबंध बनाए रखेगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर भी करेंगे रूस का दौरा अजीत डोभाल की यात्रा के बाद, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस महीने के अंत में रूस का दौरा करेंगे। इन दोनों उच्च-स्तरीय यात्राओं से यह स्पष्ट होता है कि भारत और रूस के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं, खासकर अमेरिका के दबाव के बीच।