हिमाचल में ‘बाढ़-भूस्खलन’ का डबल अटैक: तीसा सड़क मार्ग बंद, जानलेवा मलबा बना आफत

तीसा: हिमाचल प्रदेश इस वक्त प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है। लगातार हो रही बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहाड़ी क्षेत्रों की सड़कें सबसे ज्यादा इस कहर की चपेट में हैं। खासकर चम्बा-तीसा मुख्य मार्ग पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।

तीसा के समीप डंपिंग साइट के भूस्खलन की जद में आ जाने से यह मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार 3 वर्ष पहले अटल चौक से भंजराड़ू तक सड़क मार्ग काे चौड़ा करने के दौरान निकाले गए मलबे को सड़क किनारे डंप किया गया था, जो अब बारिश के कारण खिसककर नीचे आ रहा है। भारी बारिश के चलते यह मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिर रहे हैं, जिससे मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं। बारिश की वजह से मिट्टी भी कमजोर हो गई है, जिससे हर दिन नए भूस्खलन की स्थिति बन रही है। यही नहीं, कई पेड़ भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। इससे न केवल सड़क बंद हो गई है, बल्कि यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

तीसा के स्थानीय निवासी अशोक कुमार, राम सिंह, देस राज, केवल सिंह, हरि सिंह और फजलदीन का कहना है कि डंपिंग साइट पर भले ही कुछ क्रेट (सुरक्षा दीवारें) लगाए गए थे, लेकिन वे मलबे की चपेट में आकर बिखर गए हैं। अब स्थिति यह है कि भूस्खलन को रोकने का कोई कारगर उपाय विभाग के पास नहीं है। लोगों का आरोप है कि बीते 6 महीने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है लेकिन समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।