देहरादून। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड को प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की सौगात मिलने जा रही है। हल्द्वानी के गौलापार में स्थापित किए जा रहे खेल विश्वविद्यालय के पहले चरण के निर्माण कार्यों का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 29 अगस्त को विधिवत शिलान्यास एवं भूमि पूजन करेंगे। इस अवसर पर गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा।
खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय कोचिंग, आधुनिक खेल सुविधाएं और खेल विज्ञान (स्पोर्ट्स साइंस) से जुड़ी अत्याधुनिक सेवाएं राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए कुलपति समेत 94 शैक्षणिक, शिक्षणेत्तर, कोचिंग और प्रशासनिक पदों के सृजन को भी मंजूरी मिल चुकी है।
कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को डीबीटी के माध्यम से नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी एवं प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी वितरित की जाएगी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए देवभूमि खेल रत्न और देवभूमि द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किए जाने वाले उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि का चेक देकर सम्मानित किया जाएगा।
राज्यपाल की स्वीकृति के बाद उत्तराखंड शासन ने खेल विश्वविद्यालय के लिए 94 पदों के सृजन का शासनादेश जारी कर दिया है। खेल विभाग के विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार स्पोर्ट्स कोचिंग विंग में 39 पद सृजित किए गए हैं। इनमें प्रधान कोच/मुख्य कोच, कोच/प्रशिक्षक और सहायक कोच/प्रशिक्षक के 13-13 पद शामिल हैं। विश्वविद्यालय के अकादमिक एवं संकाय स्तर पर 14 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खेल प्रबंधन और खेल विज्ञान संकाय के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी को ध्यान में रखते हुए खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक, नर्स और वार्ड सहायक समेत 12 पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय संचालन के लिए कुलपति, कुलसचिव, उप कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी समेत विभिन्न पदों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही गैर-शिक्षण और सपोर्ट स्टाफ के पद भी सृजित किए गए हैं। विश्वविद्यालय में खेल मैदानों के रखरखाव और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए आउटसोर्स के माध्यम से 20 मैदान कर्मी, 10 एमईपी स्टाफ, 15 बहुकार्यकारी कर्मचारी और दो पोषण विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाएंगी।
खेल विश्वविद्यालय के अस्तित्व में आने से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, फिटनेस, रिकवरी और आधुनिक खेल सुविधाओं के लिए राज्य से बाहर जाने की जरूरत कम होगी। यह संस्थान प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।