हिमाचल के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजा विजेंद्र सिंह का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

नालागढ़। नालागढ़ की राजनीति के एक युग का बुधवार को अंत हो गया। हिमाचल प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक और जनप्रिय नेता राजा विजेंद्र सिंह का दिल्ली स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन का समाचार मिलते ही नालागढ़ सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।

राजनीतिक, सामाजिक और औद्योगिक जगत ने इसे प्रदेश की अपूरणीय क्षति बताया है। 26 जून, 1946 को जन्मे राजा विजेंद्र सिंह ने दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहकर क्षेत्र की जनता का नेतृत्व किया। वह नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए और हिमाचल प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। अपने कार्यकाल में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, क्षेत्रीय विकास और जनकल्याण से जुड़ी अनेक योजनाओं को गति दी। उनकी पहचान एक सरल, सौम्य, मिलनसार और जनता के बीच सहज उपलब्ध रहने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में रही।

राजा विजेंद्र सिंह ने हमेशा विकास आधारित राजनीति को प्राथमिकता दी। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी वर्गों और दलों के लोगों के साथ उनके आत्मीय संबंध रहे। नालागढ़ क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को आज भी प्रमुखता से याद किया जाता है। आम लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि वह हर व्यक्ति की बात सुनने और उसके समाधान का प्रयास करने के लिए जाने जाते थे।

परिजनों के अनुसार उनका पार्थिव शरीर बुधवार देर रात दिल्ली से नालागढ़ लाया जाएगा। गुरुवार को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद खेड़ा में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है।