गलत परीक्षा केंद्र से बिगड़ा छात्र का भविष्य, हिमाचल हाई कोर्ट सख्त

शिमला। नीट पेपरलीक मामले में पहले से ही निशाने पर चल रही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और केंद्र सरकार अब फिर से चर्चा में आ गई है। यह चर्चा कहीं और से नहीं बल्कि हिमाचल से शुरू हुई है। दरअसल, 21 जून को हुई नीट परीक्षा में अभ्यर्थी को गलत एग्जामिनेशन सेंटर दे दिया था। जब अभ्यर्थी वहां पहुंचा, तो पता चला कि यहां उस नाम का कोई स्कूल ही नहीं है। इस पर परीक्षार्थी एग्जाम से वंचित हो गया।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि एनटीए की इस गलती से उसका कैरियर बर्बाद हो गया है। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने गलत केंद्र देकर परीक्षा से वंचित करने के आरोपों पर केंद्र सरकार व एनटीए को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने याचिका की सुनवाई की। याचिकाकर्ता की शिकायत है कि उसे राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ढलियारा जिला कांगड़ा में परीक्षा केंद्र दिया था। परीक्षा के दिन ढलियारा पहुंचने पर पता चला कि यहां इस नाम का कोई स्कूल नहीं है। अभ्यर्थी को सेंटर नंबर दिया था वह धर्मशाला का था, जबकि पिन कोड-176056 सुनेहड़ तहसील नगरोटा बगवां जिला कांगड़ा दिया था। मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई होगी।