देहरादून। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में नगर निकाय स्तरीय कार्यकारी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के विभिन्न घटकों की विस्तार से समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि योजना का लाभ सभी पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक समयबद्ध और पूर्ण पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता न हो तथा सभी पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, इसलिए लाभार्थियों के चयन में पूरी निष्पक्षता बरती जाए।
बैठक में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी की गई। नगर निगम स्तर पर गठित समिति द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन, स्थानीय निरीक्षण रिपोर्ट एवं संस्तुति के आधार पर चिन्हित 105 आवेदन पत्रों का पुनः सत्यापन और परीक्षण कराने के निर्देश संबंधित उप नगर आयुक्त को दिए गए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति को इसका लाभ न मिल सके।
इसके अलावा बैठक में भागीदारी में किफायती आवास (Affordable Housing in Partnership) घटक पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने नगर निगम क्षेत्र में उपयुक्त भूमि का चिन्हीकरण कर किफायती आवास परियोजनाओं को विकसित करने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया। इस पहल से शहर के अधिक से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को सस्ती और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
बैठक में नगर निकाय स्तरीय कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान योजना के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया तथा लाभार्थियों तक योजना का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक रणनीति पर भी सहमति बनी।