हिप्र विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 21 नवंबर तक, छह बैठकें होंगी

शिमला, 27 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 से 21 नवंबर तक धर्मशाला के तपोवन में आयोजित होगा। यह 14वीं विधानसभा का तेहरवां सत्र होगा। विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को सत्र की तारीखों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। सत्र के पहले दिन 16 नवंबर को दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी। छह दिन के इस सत्र में कुल छह बैठकें होंगी। 19 नवम्बर को गैर सरकारी कार्य दिवस रहेगा। सत्र के दौरान सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पारित करेगी।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का यह अंतिम विधानसभा शीतकालीन सत्र होगा। अगले साल के अंत में प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इसके बाद धर्मशाला में होने वाला अगला शीतकालीन सत्र नई सरकार के नेतृत्व में आयोजित होने की संभावना है। इस लिहाज से नवंबर में होने वाले सत्र को मौजूदा सरकार के कार्यकाल का आखिरी शीतकालीन सत्र माना जा रहा है।

चार साल के कार्यकाल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्ता पक्ष जहां अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को सदन में गिनाएगा, वहीं विपक्षी दल भाजपा सरकार की गारंटियों, विकास कार्यों और अन्य मुद्दों पर घेराबंदी करेगा।

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दी गई चुनावी गारंटियों की प्रगति और उनके क्रियान्वयन का विषय विपक्ष के निशाने पर रहने की संभावना है। भाजपा इन गारंटियों को लेकर सरकार से जवाब मांग सकती है। इसके अलावा प्रदेश की आर्थिक स्थिति, विकास कार्यों और आम लोगों से जुड़े मुद्दे भी सदन में प्रमुखता से उठने के आसार हैं।

सत्ता पक्ष की ओर से केंद्र सरकार से हिमाचल को मिलने वाली आर्थिक सहायता और धनराशि में कमी व आरडीजी खत्म करने का मुद्दा उठाए जाने की संभावना है। राज्य सरकार पहले भी केंद्र से वित्तीय संसाधनों में कमी का विषय उठाती रही है। ऐसे में इस सत्र में भी यह मुद्दा चर्चा के केंद्र में रह सकता है।

पर्यटन सीजन को देखते हुए नवंबर में सत्र

राज्य सरकार ने लगातार दूसरे साल शीतकालीन सत्र दिसंबर के बजाय नवंबर में आयोजित करने का निर्णय लिया है। धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में दिसंबर के दौरान पर्यटकों की आवाजाही बढ़ जाती है। सरकार का तर्क है कि पर्यटन सीजन के दौरान विधानसभा सत्र होने से कारोबारियों के व्यवसाय पर असर पड़ सकता है।

दिसंबर में सत्र आयोजित होने पर वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था के चलते पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार भी नवंबर में सत्र आयोजित किया जा रहा है।

सवाल और चर्चा के लिए विधायक दे सकेंगे नोटिस

सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद विधायक विधानसभा सचिवालय में प्रश्न और विभिन्न विषयों पर चर्चा के लिए नोटिस दे सकेंगे। विधायक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सवाल पूछने के लिए आवेदन कर सकते हैं। सत्र के दौरान अलग-अलग नियमों के तहत चर्चा के लिए भी नोटिस दिए जा सकेंगे।