देहरादून। उत्तराखंड की उभरती टेबल टेनिस खिलाड़ी कायरा भंडारी ने अपनी प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन के दम पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पौड़ी गढ़वाल के शहीद राइफलमैन जसवंत सिंह महावीर चक्र स्टेडियम में आयोजित 2nd उत्तराखंड स्टेट रैंकिंग टेबल टेनिस टूर्नामेंट में महज 12 साल की कायरा ने चार अलग-अलग वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
कायरा ने अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19 और सीनियर महिला वर्ग की सिंगल्स स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। खास बात यह रही कि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने सभी मुकाबले जीतते हुए अजेय रहकर चारों वर्गों के फाइनल में जीत दर्ज की। अपनी उम्र से बड़े खिलाड़ियों के बीच लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली कायरा के लिए सीनियर महिला वर्ग का खिताब विशेष उपलब्धि रहा, क्योंकि इस वर्ग में यह उनका पहला खिताब है।
आक्रामक खेल शैली बनी ताकत
दाएं हाथ से खेलने वाली कायरा आक्रामक शैली की खिलाड़ी हैं। उनके खेल में तेज रफ्तार, आक्रामक शॉट्स और प्रतिद्वंद्वी पर लगातार दबाव बनाने की क्षमता नजर आती है। यही वजह है कि वह अपनी उम्र से बड़े खिलाड़ियों के साथ भी लगातार प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। अंडर-15 से लेकर अंडर-19 और सीनियर महिला वर्ग में खेलने से उन्हें विभिन्न स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ अनुभव हासिल हो रहा है।
2021 में शुरू हुआ टेबल टेनिस का सफर
कायरा का टेबल टेनिस से जुड़ाव कोविड काल के दौरान वर्ष 2021 में हुआ। शुरुआत में उन्होंने सामान्य तौर पर खेलना शुरू किया, लेकिन जल्द ही इस खेल के प्रति उनकी रुचि बढ़ती गई। गंभीरता से अभ्यास करने के बाद वर्ष 2023 से उन्होंने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में नियमित रूप से हिस्सा लेना शुरू किया। इसके बाद विभिन्न आयु वर्गों में उनके प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ और राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी रैंकिंग बेहतर होती गई।
राष्ट्रीय स्तर पर भी बनाई पहचान
कायरा उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। कम उम्र में राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिताओं में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने अंडर-13 वर्ग में भारत की नंबर-34 रैंकिंग तक का सफर तय किया। इसके अलावा अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 वर्गों में भी वह राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। बड़े आयु वर्गों में खेलने का अनुभव उनके खेल को लगातार निखार रहा है।
2026 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया पदार्पण
वर्ष 2026 कायरा के खेल करियर में महत्वपूर्ण पड़ाव लेकर आया। उन्होंने ताशकंद (उज्बेकिस्तान) और अल्माटी (कजाकिस्तान) में आयोजित WTT Youth Contender प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया। इन प्रतियोगिताओं में उन्हें विभिन्न देशों के युवा खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का अवसर मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिस्पर्धा से उन्हें उच्च स्तर के खेल का अनुभव हासिल हुआ।
उत्तराखंड से जुड़ी हैं पारिवारिक जड़ें
कायरा का उत्तराखंड से गहरा पारिवारिक जुड़ाव है। उनका मूल घर देहरादून में है, जबकि उनके पिता का परिवार टिहरी गढ़वाल के कीर्तिनगर क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ते हुए कायरा अपनी खेल उपलब्धियों के साथ उत्तराखंड से जुड़ी अपनी पारिवारिक जड़ों को भी साथ लेकर चल रही हैं।
एक साल में रैंकिंग में जबरदस्त सुधार
कायरा ने पिछले एक वर्ष में राज्य रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। वर्ष 2025 में वह अंडर-13 में दूसरे, अंडर-15 में पहले, अंडर-17 में तीसरे, अंडर-19 में पहले और महिला वर्ग में दूसरे स्थान पर थीं। वर्ष 2026 में उन्होंने इन सभी वर्गों में नंबर-1 रैंकिंग हासिल की।
कायरा बोलीं- लगातार खेल पर कर रही हूं फोकस
कायरा भंडारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच पराग अग्रवाल की मेहनत और मार्गदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि वह लगातार अपने खेल पर फोकस कर रही हैं और भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मेहनत जारी रखेंगी। “ये सारी सफलताएं मेरे कोच पराग अग्रवाल की मेरे साथ की गई मेहनत का नतीजा हैं। मैं लगातार अपने खेल पर फोकस कर रही हूं। आगे के लिए मैंने कुछ गोल निर्धारित किए हैं, उन्हें हासिल करने का प्रयास करूंगी।”
कोच पराग अग्रवाल बोले- चार स्वर्ण बड़ी उपलब्धि
कायरा के कोच पराग अग्रवाल, जो भारतीय टेबल टेनिस टीम के कोच भी हैं, उन्हें प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानते हैं। पराग अग्रवाल लखनऊ स्थित अकादमी में कायरा को प्रशिक्षण देते हैं। कायरा का अधिकांश समय टेबल टेनिस के अभ्यास में बीतता है और उनकी मां भी प्रशिक्षण के दौरान उनका साथ देने के लिए देहरादून से लखनऊ जाकर रहती हैं।
पराग अग्रवाल ने कहा कि पौड़ी में स्टेट रैंकिंग प्रतियोगिता में चार स्वर्ण पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि टीम का लक्ष्य उत्तराखंड की सभी श्रेणियों में शीर्ष प्रदर्शन करना था और इस दिशा में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि कायरा ने उज्बेकिस्तान और कजाकिस्तान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है और आगे भी बेहतर परिणाम के लिए मेहनत जारी है।
पौड़ी में एक ही प्रतियोगिता में चार अलग-अलग वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने की कायरा की उपलब्धि उनके तेजी से उभरते खेल करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल कर रही कायरा अब अपने खेल में निरंतर सुधार और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।