चंपावत को मिली बड़ी स्वास्थ्य सौगात, ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का सीएम धामी ने किया लोकार्पण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला चिकित्सालय चंपावत में करीब 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत उनके लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि उनकी कर्मभूमि है। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक जीवनरक्षक रक्त घटक समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। चंपावत जिले में पहली बार यह सुविधा शुरू हुई है। इससे पहले कुमाऊं मंडल के जिला चिकित्सालयों में यह सुविधा रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में उपलब्ध थी।

क्रिटिकल केयर ब्लॉक और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय चंपावत में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है। इसके अलावा सीटी स्कैन, एमआरआई और डायलिसिस यूनिट जैसी आधुनिक सुविधाएं भी स्थापित की जा चुकी हैं। करीब 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग तथा प्रथम और द्वितीय तल पर डायग्नोस्टिक विंग और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है।

चंपावत में बुनियादी सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। जिले में मोटर मार्गों के निर्माण और चौड़ीकरण के साथ जाम की समस्या के समाधान के लिए आधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि चंपावत रोडवेज स्टेशन में 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। मां पूर्णागिरि धाम, रीठा साहिब और पर्यटन आवास गृह में भी पार्किंग सुविधाओं का विकास किया गया है।

ड्रेनेज और पेयजल व्यवस्था भी होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिले में मजबूत आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। 66 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक सिटी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जबकि भूमिगत विद्युत लाइनों का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और आधुनिक आईएसबीटी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं चंपावत के विकास को नई दिशा देंगी। सरकार का लक्ष्य चंपावत को स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उत्तराखंड का आदर्श मॉडल बनाना है।

युवाओं के रोजगार पर भी विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत के विकास का कोई भी सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा। जिले के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू होने से गंभीर और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक रक्त घटक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे समय पर उपचार मिलने के साथ ही अन्य जिलों के अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी।

कार्यक्रम में सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पांडेय, दायित्वधारी सुभाष बगौली, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश चंद्र तिवारी, भाजपा नेता सतीश पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष चंपावत प्रेमा पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष लोहाघाट गोविंद वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।