चारधाम यात्रा: खराब मौसम के बावजूद 114 दिनों में 47 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

देहरादून। मानसून की चुनौतियों और प्रतिकूल मौसम के बीच भी उत्तराखंड की चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार यात्रा का संचालन सतर्कता और निरंतर निगरानी के साथ कर रही है। मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा को नियंत्रित करने अथवा अस्थायी रूप से रोकने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। यात्रा के 114 दिनों में ही चारधाम दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 47 लाख 2 हजार 703 तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4 लाख 68 हजार 556 अधिक है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।

मुख्यमंत्री स्वयं राज्य आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रदेश में आपदा प्रबंधन की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। भूस्खलन अथवा अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों को भी मौसम का पूर्वानुमान और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।

चारधाम में दर्शन का आंकड़ा 47 लाख के पार
इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। 10 अगस्त तक 114 दिनों में कुल 47,02,703 श्रद्धालु बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025 में इसी अवधि में 42,34,147 श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी।

धामवार आंकड़ों के अनुसार अब तक बदरीनाथ धाम में 16,12,112, केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री धाम में 6,62,347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा हेमकुंड साहिब में 2,40,499 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका है।

खराब मौसम के बावजूद 15 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
लगातार खराब मौसम और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार को 15,376 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए। इनमें सबसे अधिक 9,559 श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंचे। इसके अलावा 4,170 ने केदारनाथ, 1,204 ने गंगोत्री और 443 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री धाम में दर्शन किए।

बदरीनाथ धाम में भी नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद
भगवान बदरी विशाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। 10 अगस्त तक बदरीनाथ धाम में 16,12,112 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की समान 110 दिन की अवधि की तुलना में 3,50,192 अधिक है।

वर्ष 2025 में 4 मई को बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू हुई थी और 21 अगस्त तक 110 दिनों में 12,61,280 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से चारधाम यात्रा के नया रिकॉर्ड बनाने की उम्मीद मजबूत हुई है।

प्रदेश सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए धामों एवं यात्रा पड़ावों पर ठहरने, भोजन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रतिकूल मौसम के बीच भी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनी रहे।