हरिद्वार। 30 जुलाई से शुरू हुआ कांवड़ मेला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। महाशिवरात्रि से पहले देशभर से लाखों कांवडि़ए हरिद्वार पहुंचकर हर की पौड़ी से गंगाजल भर रहे हैं। इसके बाद श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। इस दौरान हरिद्वार में भारी भीड़ और वाहनों का दबाव देखने को मिल रहा है। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 11 अगस्त को महाशिवरात्रि है। फिलहाल बड़ी संख्या में कांवडि़ए वापसी की यात्रा पर हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता बाहर से आने वाले वाहनों को व्यवस्थित तरीके से पार्किंग स्थलों तक पहुंचाना है, जहां कांवड़ यात्री कुछ समय रुक सकें। एसएसपी के मुताबिक, रविवार शाम की गंगा आरती के बाद कांवडिय़ों की वापसी का दबाव और बढ़ सकता है। इसके बाद पार्किंग की समस्या धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। जैसे-जैसे बाहर जाने वाला ट्रैफिक बढ़ेगा, दिल्ली की ओर जाने वाली लेन पर पुलिस की ड्यूटी बढ़ाई जाएगी और जरूरत पडऩे पर चारों लेन को बाहर जाने वाले वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
ड्रोन और 500 से ज्यादा कैमरों से निगरानी
भीड़ और ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए प्रशासन आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। ड्रोन के जरिए तुरंत पता लगाया जा रहा है कि किन पार्किंग क्षेत्रों में जगह खाली हुई है। इसके अलावा हाई-वे, घाटों और पार्किंग क्षेत्रों की निगरानी के लिए 500 से ज्यादा फिक्स्ड कैमरे लगातार नजर रख रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराना है।