रुड़की। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली छात्रों का सम्मान करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता यह साबित करती है कि परिश्रम, अनुशासन और संस्कार के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और उन्हें भविष्य की चुनौतियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने विद्या भारती की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने सनातन संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा के माध्यम से देशभर में शिक्षा और संस्कार की मजबूत नींव रखी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, जूते-बैग वितरण, मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, भारत भ्रमण कार्यक्रम, मॉडल कॉलेजों की स्थापना, आईटी लैब और छात्रावास निर्माण जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। साथ ही कौशल विकास, भारतीय ज्ञान परंपरा और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ‘कौशलम्’ कार्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत के वर्तमान और भविष्य हैं। उनके ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता के बल पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा और भारत पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण भी किया। समारोह में विद्या भारती के पदाधिकारी, आईआईटी रुड़की के निदेशक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न जिलों से आए अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।