देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से शुक्रवार को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में “Model Standards for Electoral Observers” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका, रोमानिया, आयरलैंड, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, हंगरी और नेपाल की चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित 20 से अधिक विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों तथा विभिन्न क्षेत्रों के 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हाइब्रिड माध्यम से भाग लिया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षाविदों, चुनाव प्रबंधन संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर चुनाव प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रेक्षक की भूमिका स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी कर पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनविश्वास को मजबूत करना है।
भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारती ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव प्रेक्षकों की सक्रिय और निष्पक्ष उपस्थिति से निर्वाचन प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनती है। वहीं ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. तवस्सुम नकवी ने आधुनिक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने के लिए निर्वाचन आयोग और शैक्षणिक संस्थानों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
सम्मेलन के तकनीकी सत्र में सीजीएसटी देहरादून के अपर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने चुनाव में व्यय प्रेक्षकों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को देखते हुए चुनावी प्रचार पर प्रभावी निगरानी के लिए आधुनिक तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है। स्टेट पुलिस ट्रेनिंग नोडल आईजी अनंत शंकर ताकवले ने पुलिस प्रेक्षकों की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीक भविष्य की चुनावी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विशेष परिचर्चा सत्र में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने विभिन्न देशों में चुनाव प्रेक्षकों की भूमिका का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया, जबकि जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने में फील्ड मशीनरी की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित विभिन्न संस्थानों के शिक्षाविद, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।