कैप्टन विक्रम बत्रा के सर्वोच्च बलिदान को राज्यपाल ने किया याद

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने परमवीर चक्र से सम्मानित कारगिल युद्ध के अमर नायक कैप्टन विक्रम बत्रा की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय साहस, वीरता और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण को नमन किया।

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा भारतीय सेना के उन अमर योद्धाओं में शामिल हैं, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर देश के इतिहास में अमिट स्थान बनाया। उनका अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य और राष्ट्रहित के प्रति अटूट निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।

उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा ने जिस वीरता, नेतृत्व क्षमता और अद्भुत पराक्रम का परिचय दिया, वह भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। उनका बलिदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और देशसेवा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।

राज्यपाल ने कहा कि कैप्टन विक्रम बत्रा का जीवन साहस, समर्पण और राष्ट्रप्रेम का अमर उदाहरण है। उनके आदर्श युवाओं को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देते रहेंगे। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र के इन अमर वीरों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए योगदान दें।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र सदैव कैप्टन विक्रम बत्रा के सर्वोच्च बलिदान का ऋणी रहेगा और उनका शौर्य एवं पराक्रम भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।