गंगा दशहरा पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी

हरिद्वार। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मां गंगा के धरती पर अवतरण दिवस के रूप में मनाए जाने वाले इस विशेष पर्व पर देशभर से लाखों श्रद्धालु धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचे हैं। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ हर की पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में गंगा स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रही है। पूरे घाट क्षेत्र में “हर-हर गंगे” और “गंगा मैया की जय” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

सनातन परंपरा में गंगा दशहरा का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। मान्यता है कि गंगा का पहला अवतरण हरिद्वार में हुआ था, इसलिए इस दिन यहां स्नान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

धार्मिक विश्वास के अनुसार गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से मनुष्य के 10 प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। इनमें 3 कायिक (शारीरिक), 4 वाचिक (वाणी से जुड़े) और 3 मानसिक पाप शामिल माने गए हैं। यही कारण है कि श्रद्धालु इस दिन गंगा में डुबकी लगाकर आत्मशुद्धि और मोक्ष की कामना करते हैं।

गंगा दशहरा के अवसर पर स्नान के साथ-साथ दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु जरूरतमंदों को जल, अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी वस्तुएं दान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। घाटों के आसपास कई सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं द्वारा भंडारे एवं सेवा शिविर भी लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं को भोजन और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पूरे मेला क्षेत्र को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए 2 सुपर जोन, 11 जोन और 27 सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए हैं।

घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं, मेडिकल टीमों और जल पुलिस को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है ताकि स्नान पर्व के दौरान जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।