रिकांगपिओ: जिला किन्नौर की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के संरक्षण तथा पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तीन दिवसीय ‘किन्नौर बर्ड फेस्टिवल’ का शुभारंभ कल्पा कंडे के गोलि क्षेत्र में किया गया। यह फेस्टिवल 8 से 10 मई तक हिमाचल पर्यटन विभाग, ओम किन्नौर स्थानीय शाखा, वन विभाग तथा जिला प्रशासन किन्नौर के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर गोलि क्षेत्र में आयोजित इस फेस्टिवल में स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों, पक्षी विशेषज्ञों, फोटोग्राफरों, कलाकारों और पर्यटकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य किन्नौर में पाई जाने वाली विभिन्न पक्षी प्रजातियों, जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है।
प्रथम दिन कार्यक्रम के दौरान संगीत प्रस्तुतियां, पर्यावरण एवं पक्षी संरक्षण पर कार्यशालाएं, कविता पाठ, फोटो प्रदर्शनी, स्मृति चिन्ह स्टॉल, फन गेम, फूड स्टॉल तथा स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण रहे। इस तीन दिवसीय आयोजन के अंतर्गत 30 युवाओं और विद्यार्थियों को फन बेस्ड लर्निंग गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति और पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति रुचि और समझ विकसित करना है। इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर डाक्टर अमित कुमार शर्मा ने विभिन्न स्टॉलों और प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। फेस्टिवल के आगामी दिनों में पक्षी अवलोकन, प्रकृति भ्रमण, विशेषज्ञ संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा अन्य प्रतियोगिताएं होंगी।
