सांगला (किन्नौर), 15 फरवरी। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला किन्नौर की प्रसिद्ध सांगला घाटी आज पूरी तरह शिवमय नजर आई। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर घाटी के प्रमुख शिवालयों सहित विशेष रूप से गंगा रंग स्थित गंगा मैय्या मंदिर में भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और हिमालय की बर्फीली चोटियों के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
–गंगा मैय्या मंदिर में भव्य शिव आरती
महाशिवरात्रि के अवसर पर सांगला के प्रसिद्ध गंगा मैय्या मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। सायं काल में आयोजित ‘भव्य शिव आरती’ आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। मंदिर परिसर में शंख की ध्वनि, नगाड़ों की गूँज और मंत्रोच्चार ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया। आरती के दौरान सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और घाटी में पहुँचे पर्यटकों ने हिस्सा लिया और भगवान भोलेनाथ के जयकारों से पूरी घाटी गुंजायमान हो उठी।
–कड़ाके की ठंड पर भारी पड़ी आस्था
यद्यपि किन्नौर के इन ऊचाई वाले क्षेत्रों में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन महादेव की भक्ति के आगे ठंड का असर फीका नजर आया। तड़के सुबह से ही श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुँचने लगे थे। भक्तों ने गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और क्षेत्र की सुख-शांति व खुशहाली की कामना की।
–सांगला के अन्य शिवालयों में भी रही रौनक
सांगला घाटी के अन्य शिव मंदिरों और स्थानीय देवालयों में भी दिनभर धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। मंदिर समितियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। मंदिरों को विद्युत झालरों और ताजे फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया था। रात्रि जागरण और भजन-कीर्तन के कार्यक्रमों ने उत्सव की रौनक को दोगुना कर दिया।
–पर्यटकों के लिए बना यादगार अनुभव
सांगला घूमने आए देश-विदेश के पर्यटकों के लिए यह एक अनोखा अनुभव रहा। स्थानीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के साथ महाशिवरात्रि मनाना उनके लिए बेहद यादगार रहा। मंदिर परिसर में भक्तों के लिए विशेष प्रसाद और लंगर की व्यवस्था भी की गई थी।
