हिमाचल में 3 दिन खिली रहेगी धूप: 9 फरवरी से फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, बदलेगा मौसम का मिजाज

शिमला, 06 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिन मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 9 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने के साथ ही मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 6, 7 और 8 फरवरी को पूरे राज्य में धूप खिली रहेगी और कहीं भी बारिश या बर्फबारी के आसार नहीं हैं। 9 फरवरी से मौसम में बदलाव शुरू होगा, जबकि 10 और 11 फरवरी को इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है। इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है, हालांकि किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 12 फरवरी को फिर से मौसम साफ होने का अनुमान है।

शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में धूप खिली है, लेकिन निचले इलाकों में ठंड का असर बना हुआ है। बिलासपुर में घना कोहरा दर्ज किया गया, जहां दृश्यता घटकर करीब 50 मीटर रह गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान निचले क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर घने कोहरे की संभावना भी जताई है।

राज्य में ठंड का प्रकोप अभी जारी है और ऊंचाई वाले जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर में तापमान अब भी शून्य से नीचे बना हुआ है।

सबसे कम तापमान लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में माइनस 14.1 डिग्री सेल्सियस और किन्नौर के ताबो में माइनस 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। किन्नौर के कल्पा में तापमान माइनस 2.0 डिग्री और मनाली में 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो शून्य के करीब है।

अन्य स्थानों में भुंतर का तापमान 2.1 डिग्री, सोलन 3.0 डिग्री, सुंदरनगर 3.5 डिग्री, कांगड़ा 4.3 डिग्री, धर्मशाला और मंडी 5.2 डिग्री, ऊना 5.5 डिग्री तथा बिलासपुर 6.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जुब्बड़हट्टी में 6.6 डिग्री, शिमला में 7.1 डिग्री, पालमपुर में 7.5 डिग्री, कसौली और देहरा गोपीपुर में 8.0 डिग्री, नाहन और नेरी में 8.8 डिग्री तथा पांवटा साहिब में 11.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल आसमान साफ रहने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर बना रहेगा। 9 फरवरी से सक्रिय होने वाला पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में फिर से बर्फबारी और वर्षा का कारण बन सकता है। इससे तापमान में दोबारा गिरावट आने की संभावना है।