देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण के पुरोधा और विश्व प्रसिद्ध ‘चिपको आंदोलन’ के प्रणेता, पद्म विभूषण स्व. सुंदरलाल बहुगुणा की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक सादगीपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके महान कार्यों को याद किया।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुंदरलाल बहुगुणा जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे जिन्होंने दुनिया को पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने का संदेश दिया। “प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में श्री सुंदरलाल बहुगुणा जी द्वारा दिया गया अमूल्य योगदान हम सभी के लिए एक महान प्रेरणास्रोत है। उनका जीवन हिमालय की सुरक्षा और नदियों के संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उनके सिद्धांतों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” मुख्यमंत्री ने उनके संघर्षों को याद करते हुए कहा कि बहुगुणा जी ने ‘पारिस्थितिकी (Ecology) ही स्थायी अर्थव्यवस्था है’ का नारा देकर पूरी दुनिया को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। उनके नेतृत्व में हुए चिपको आंदोलन ने न केवल पेड़ों को कटने से बचाया, बल्कि पर्यावरण चेतना को जन-आंदोलन में बदल दिया।
राज्य सरकार सुंदरलाल बहुगुणा जी के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे बहुगुणा जी के जीवन मूल्यों को अपनाएं और उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब बहुगुणा जी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
