भारत-रूस ने 19 समझौतों पर किए दस्तखत, द्विपक्षीय संबंध को मिली नई दिशा

नई दिल्ली: 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के बीच 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। अमरीकी सख्ती के बावजूद रूस भारत के लिए तेल की सप्लाई जारी रखेगा, जबकि दोनों देश मिलकर यूरिया बनाने को तैयार हो गए हैं। अभी भारत रूस से बड़े पैमाने पर यूरिया आयात करता है। हालांकि इस दौरान दोनों देशों के बीच भी किसी बड़े डिफेंस डील का ऐलान नहीं किया गया। इससे पहले कई रिपोट्र्स में भारत-रूस के बीच किसी लड़ाकू विमान या बड़े रक्षा सौदा होने की बात कही जा रही थी। भारत-रूस के बीच कुल 19 समझौतों पर मुहर लगी हैं। इनका मकसद भारत-रूस व्यापार बढ़ाना है। भारत-रूस के बीच शिप बिल्डिंग, भारतीय नाविकों को बर्फीले (पोलर) समुद्री इलाकों में जहाज चलाने की ट्रेनिंग, नई शिपिंग लेन पर निवेश, सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा और महत्त्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) पर समझौते और एमओयू साइन किए गए। शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि रूस भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए ईंधन की लगातार और बिना रुकावट आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार है। रूस भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के निर्माण में भी मदद कर रहा है। दोनों देश भुगतान के निराकरण के लिए धीरे-धीरे अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्रा के इस्तेमाल की ओर भी बढ़ रहे हैं।

हम सालाना द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाकर 100 अरब डालर तक पहुंचाने की आशा रखते हैं। पुतिन ने कहा कि हम भारत के साथ मिलकर नए अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट रूट बना रहे हैं। इसमें एक बड़ा प्रोजेक्ट नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भी शामिल है। इसका मतलब है कि रूस या बेलारूस से सामान सीधे हिंद महासागर के रास्ते तक पहुंच सकेगा। इससे व्यापार तेज, सस्ता और आसान होगा। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि पिछले करीब 50 साल से रूस भारतीय सेना को हथियार देने और उसे आधुनिक बनाने में मदद करता आ रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह दौर आगे भी बरकरार रहेगा और यहां हुए समझौते भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेंगे, इससे दोनों देशों जनता को फायदा मिलेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घोषणा की कि रूसी नागरिकों के लिए निशुल्क तीस दिन का ई-यात्री वीजा और तीस दिन का सामूहिक यात्री वीजा की शुरुआत की जाएगी। दोनों नेताओं ने 2030 तक आर्थिक सहयोग बढ़ाने और व्यापार-निवेश को मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-रूस की मित्रता धु्रव तारे की तरह बनी रही है। हम समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की है। हमने 2030 तक के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश संतुलित और टिकाऊ बढ़ेगा तथा सहयोग के क्षेत्र में नए आयाम जुड़ेंगे। दोनों पक्ष साथ मिलकर यूरिया उत्पादन करेंगे। दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है। हम मिलकर वोकेशनल एजुकेशन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर भी काम करेंगे। दोनों देशों के स्कॉलर्स और खिलाडिय़ों का आदान-प्रदान बढ़ेगा।

पुतिन वापस रूस रवाना
पुतिन शुक्रवार देर शाम रूस रवाना हो गए। उससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्वारा आयोजित डिनर में भाग लिया।