दून पुलिस का ‘ड्रग्स फ्री कैंपस’ अभियान: निजी शिक्षण संस्थान में औचक निरीक्षण

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “उत्तराखंड ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” के संकल्प को साकार करने की दिशा में, दून पुलिस द्वारा पूरे जनपद में “ड्रग्स फ्री कैंपस” अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की एक संयुक्त टीम ने क्लेमेंटाउन क्षेत्र में स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में औचक निरीक्षण और रैंडम ड्रग्स टेस्ट की कार्रवाई को अंजाम दिया।

संयुक्त टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के शिक्षण संस्थान में पहुँचकर छात्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान, 145 छात्रों का रैंडम ड्रग्स टेस्ट किया गया। यह राहत की बात है कि जांच में सभी 145 छात्रों की रिपोर्ट नेगेटिव आई, जो संस्थान में नशे की रोकथाम के प्रयासों को दर्शाता है।

‘ड्रग्स फ्री कैंपस’ अभियान के तहत, संयुक्त टीम अब तक देहरादून के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कुल 572 छात्रों का ड्रग्स टेस्ट करा चुकी है। यह अभियान शिक्षण संस्थानों में नशे की लत को जड़ से खत्म करने के लिए दून पुलिस की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने से पहले, सभी छात्रों से कन्सेंट फॉर्म (सहमति फॉर्म) भरवाए गए। इसके साथ ही, संयुक्त टीम ने छात्रों को नशे के दुष्परिणामों और समाज पर इसके विनाशकारी प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे युवा पीढ़ी जागरूक हो सके।

दून पुलिस के इस अभिनव और कठोर अभियान को छात्रों, उनके अभिभावकों और स्थानीय लोगों द्वारा व्यापक सराहना मिली है। अभिभावकों का मानना है कि इस तरह के औचक निरीक्षण से शिक्षण संस्थानों का माहौल सुरक्षित और नशामुक्त बनेगा, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। यह अभियान आगे भी अन्य शिक्षण संस्थानों में निरंतर जारी रहेगा, ताकि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” के लक्ष्य को समय पर प्राप्त किया जा सके।