देहरादून: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘युवा आपदा योजना’ के तहत जनपद चमोली के एनसीसी कैडेट्स का छह दिवसीय व्यापक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम 20 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 नवंबर 2025 को शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य युवाओं को आपदा के समय त्वरित राहत और बचाव कार्य चलाने के लिए ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ के रूप में तैयार करना है।
भारत सरकार तथा उत्तराखंड शासन के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव एवं जिलाधिकारी महोदय के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस कार्यक्रम में कैडेट्स को विभिन्न जटिल आपदा स्थितियों से निपटने के लिए सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया गया।
- प्रशिक्षण के मुख्य विषय
छह दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण में एनसीसी कैडेट्स को निम्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई: - आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और आपदाओं से पहले की तैयारी।
- भूस्खलन, बाढ़, त्वरित बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और सूखा की जानकारी।
- केमिकल, न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और रेडियोलॉजिकल डिजास्टर (CBRN) से बचाव की जानकारी।
- फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार), रोड सेफ्टी (सड़क सुरक्षा), स्ट्रेचर बनाना, सैटेलाइट फोन का उपयोग।
- रस्सी की गांठे और रस्सी को लपेटना, गहरी खाइयों में चढ़ना-उतरना, नदियों को पार करने के तरीके, भारी वस्तु को हस्तांतरित करना, पेशेंट को स्ट्रेचर में शिफ्ट करना।
- आग का प्रबंधन करना और जंगल की आग का प्रबंध करना।
फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कैडेट्स
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले ये प्रशिक्षित एनसीसी कैडेट्स अब किसी भी आपदा की स्थिति में ‘फर्स्ट रिस्पांडर’ (प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता) के रूप में स्थानीय प्रशासन को तुरंत सहयोग दे सकते हैं। इससे राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने में मदद मिलेगी और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन दिवस पर आपदा प्रबंधन के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रशिक्षक उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- मास्टर ट्रेनर: राजू शाही, सुशील सिंह कैन्तुरा एवं किशन राजगुरु (मास्टर ट्रेनर, युवा आपदा मित्र)।
- एनसीसी अधिकारी: कर्नल राजेश रावत (कमान अधिकारी 01 यूके बटालियन गोपेश्वर), सूबेदार समर सिंह, सूबेदार जगदीश सिंह, हवलदार वीरेंद्र, हवलदार ललित, हवलदार साजिद अली, और हवलदार अजय।
- आपदा प्रबंधन प्राधिकरण: ऋषभ कुमार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून की ओर से)।
अधिकारियों ने कैडेट्स को सफल प्रशिक्षण के लिए बधाई दी और आपदा के मोर्चे पर उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
