नई दिल्ली: बेल्जियम में एंटवर्प की एक अदालत ने भगोड़े कारोबारी मेहुल चौकसी की अपील खारिज कर दी है और उसे भारत भेजने के फैसले को बरकरार रखा है। हीरा कारोबारी चौकसी 13,000 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में एक प्रमुख आरोपी है। अदालत ने मामले पर गौर करने के बाद पाया कि उसके प्रत्यर्पण के लिए सभी कानूनी शर्तें पूरी होती हैं। अदालत ने 2018 और 2021 के भारतीय गिरफ्तारी वारंटों को लागू करने योग्य बताया। चौकसी ने अदालत से अपनी दलील में कहा था कि भारत में उसके जीवन और स्वतंत्रता को खतरा होगा।
उसने यह भी दावा किया कि वह राजनीतिक उत्पीडऩ का शिकार है और उसे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलेगी। यही नहीं, उसने अपनी खराब सेहत का भी हवाला दिया। लेकिन अदालत ने चौकसी की दलीलों को अपर्याप्त बताया और कहा कि वह भारत में किसी तरह के अमानवीय व्यवहार की आशंका या इन्साफ नहीं मिलने के ‘वास्तविक जोखिम’ को साबित नहीं कर सका है।
