गोपेश्वर/चमोली: चमोली जनपद के खल्ला गांव की आराध्य देवी, माँ अनसूया देवी की दिवारा (देवरा) यात्रा इन दिनों क्षेत्र के विभिन्न गांवों और प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रही है। इसी क्रम में माँ अनसूया देवी की रथ डोली गोपेश्वर पहुंची, जहां उन्होंने प्रसिद्ध भगवान गोपीनाथ मंदिर और माँ महिषासुरमर्दिनी के मंदिर में विशेष भेंट की।
ऐतिहासिक दिवारा यात्रा: माँ अनसूया देवी की यह दिवारा यात्रा कई दशकों के लंबे अंतराल के बाद निकाली गई है, जिसे लेकर क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह और श्रद्धा का माहौल है। इस यात्रा के तहत माँ अनसूया देवी की रथ डोली विभिन्न गांवों में भक्तों को आशीर्वाद देती है और प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी जाती है।
गोपेश्वर में दिव्य मिलन: जब माँ अनसूया देवी की डोली गोपेश्वर पहुंची, तो भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गोपेश्वर स्थित भगवान गोपीनाथ मंदिर में माँ अनसूया देवी ने गोपीनाथ (भगवान शिव) से भेंट की। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देव डोलियों का आपस में भेंट करना, क्षेत्र में सुख-समृद्धि और कल्याण का प्रतीक माना जाता है।
इसके बाद, देवी ने माँ महिषासुरमर्दिनी (जो गोपेश्वर के प्राचीन मंदिर में विराजमान हैं) से भी भेंट की। यह भेंट एक शक्तिस्वरूपा देवी का दूसरी शक्तिस्वरूपा देवी से मिलन था, जिसने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया।
परंपरागत स्वागत और पूजन: गोपेश्वर पहुंचने पर स्थानीय पंडा-पुरोहितों, मंदिर समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और ढोल-दमाऊ की थाप के साथ माँ अनसूया देवी की भव्य आगवानी की। इस दौरान भक्तों ने माँ अनसूया देवी से अपनी और अपने क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
माँ अनसूया देवी की दिवारा यात्रा का मुख्य उद्देश्य भक्तों को आशीर्वाद देना, क्षेत्र के कल्याण की कामना करना और सदियों पुरानी धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना है। डोली यात्रा आगे भी निर्धारित मार्गों पर अपना भ्रमण जारी रखेगी।
