ऑपरेशन ‘कालनेमि’ के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 7 संदिग्ध ‘ढोंगी बाबा’ गिरफ्तार

पौड़ी : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य भर में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत पौड़ी गढ़वाल पुलिस ने तीर्थनगरी ऋषिकेश से सटे थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान का उद्देश्य धर्म की आड़ में लोगों को ठगने और भ्रमित करने वाले फर्जी साधु/ढोंगी बाबाओं पर नकेल कसना है।

साधु-संतों के वेश में घूम रहे उन संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच और सत्यापन करना जो लोगों की धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। पुलिस ने गहन सत्यापन और जांच के बाद 07 संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।

पुलिस ने इन संदिग्धों के खिलाफ BNNS अधिनियम (भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता अधिनियम) के तहत कार्रवाई की है। (यहाँ ‘BNNS अधिनियम’ से आशय आमतौर पर भारतीय दंड संहिता (IPC) या अन्य संबंधित धाराओं से है, जिसके अंतर्गत धोखाधड़ी, पहचान छिपाने या सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे अपराधों के लिए कार्रवाई की जाती है। चूंकि यह अभियान ‘ढोंगी बाबाओं’ की पहचान छिपाने और भ्रम फैलाने से जुड़ा है, इसलिए सत्यापन के बाद संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।)

पौड़ी पुलिस का कहना है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, जिसका मुख्य लक्ष्य देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सुरक्षित रखना है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कोई संदिग्ध व्यक्ति साधु के वेश में नज़र आता है, तो वे तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दें।