दीपोत्सव के बाद सभी अतिथियों को निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे। समारोह में 8 से 10 हजार मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनकी सूची तैयार की जा रही है। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव और अन्य सदस्य मौजूद रहे।
दीपोत्सव में सरयू तट की अनूठी रौनक
इस बार दीपोत्सव में सरयू नदी का तट अपनी अनुपम सुंदरता से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। अयोध्या के घाटों को लाल बलुआ पत्थरों से सजाया जा रहा है, जो प्राचीनता और आधुनिकता का अद्भुत मेल प्रस्तुत कर रहे हैं। सरयू की लहरों पर टिमटिमाती रोशनी और घाटों पर सजी दीपमालाएं इस बार के दृश्य को और भी मनोरम बनाएंगी।
उत्तर प्रदेश पर्यटन निगम के तत्वावधान में घाटों का सौंदर्यीकरण कार्य अंतिम चरण में है। प्रत्येक घाट के प्रवेश द्वार पर शिलालेख लगाए जा रहे हैं, जो उनकी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाएंगे। आधुनिक तकनीक से युक्त लाइटें घाटों की सीढ़ियों और दीवारों पर लगाई जा रही हैं, जो रात में तट को सुनहरी चमक से नहलाएंगी।
राम की पैड़ी से लेकर लक्ष्मण घाट तक सजावट का काम तेजी से चल रहा है। हर 300 मीटर पर छतरियां बनाई जा रही हैं, जहां श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे। इसके अलावा, बैठने की व्यवस्था, रोशनी, शौचालय, चेंजिंग रूम, पीने का पानी और रैंप जैसी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सारा काम 15 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।
दीपोत्सव के दौरान सरयू तट पर लाखों दीपों की जगमगाहट और नई सजावट अयोध्या की शान को और बढ़ाएगी। श्रद्धालु जहां रामनगरी की आध्यात्मिकता में डूबेंगे, वहीं पर्यटक इसकी स्थापत्य कला और दिव्यता का आनंद लेंगे।
