मंत्री सतपाल महाराज ने पौड़ी में भव्य तिरंगा यात्रा में लिया भाग, देशभक्ति के जोश से गूंजा शहर

पौड़ी: ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के क्रम में आज पौड़ी में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने भाग लिया और देशभक्ति के इस महापर्व में शामिल होकर गर्व की अनुभूति व्यक्त की।

देशभक्त नागरिकों और युवाओं का उत्साह
तिरंगा यात्रा में सतपाल महाराज के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के छोटे सिपाही भी शामिल हुए। पूरे शहर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। लोग हाथों में तिरंगा लिए, ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान पौड़ी के सांसद श्री अनिल बलूनी और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी उपस्थित रहे, जिन्होंने लोगों का उत्साह बढ़ाया।

तिरंगा हमारी आन, बान और शान
इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा, “तिरंगा हमारी आन, बान और शान का प्रतीक है। यह सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि हमारे देश की पहचान है और उन लाखों शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने हमें आजादी दिलाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।” उन्होंने कहा कि यह यात्रा देश के प्रति सम्मान और एकता की भावना को मजबूत करती है।

भारत माता की अखंडता का संकल्प
तिरंगा यात्रा के समापन पर, सतपाल महाराज ने सभी उपस्थित लोगों से एक महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम भारत माता के गौरव और अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। हमें अपने देश को और अधिक शक्तिशाली और समृद्ध बनाने के लिए एकजुट होकर काम करना है।”

सरकार और प्रशासन की भूमिका
मंत्री ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य हर भारतीय को अपने राष्ट्र से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार और प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरे राज्य में लागू किया जाए। उन्होंने सभी लोगों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों और वाहनों पर तिरंगा फहराने की अपील की।

इस भव्य तिरंगा यात्रा ने पौड़ी में देशभक्ति का एक नया जोश भर दिया है। यह यात्रा न केवल ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की भावना को दर्शाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी देश के प्रति अपने कर्तव्य और सम्मान की याद दिलाती है।