नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता पुनरीक्षण मामले, ऑपरेशन सिंदूर तथा अन्य मुद्दों पर जमकर हंगामा किया जिसके कारण मानसून सत्र में लगातार चौथे दिन संसद नहीं चली और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने एक बार के स्थगन के बाद दोबारा जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की विपक्षी दलों के सदस्य अपनी मांगों के समर्थन में तख्तियां लेकर सदन के बीचों-बीच आकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे।
पीठासीन अधिकारी ने जरूरी कागजात पटल पर रखवाए और उसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू की, लेकिन विपक्ष के सदस्य नारेबाजी और हंगामा करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गये और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे जिसके कारण मानसून सत्र की चौथा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया तेन्नेटी ने सदस्यों से आग्रह किया कि आज गोवा में अनुसूचित जनजाति से संबंधित मामला चर्चा के रखा जाना है इसलिए सदस्य अपनी सीटों पर जाकर चर्चा में हिस्सा लें। उनका कहना था कि इस मुद्दे को कल भी चर्चा के लिए रखा गया था, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
उन्होंने सदस्यों से चर्चा में हिस्सा लेकर सदन को चलाने में सहयोग करने का आग्रह किया, लेकिन सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी और हंगामा करते रहे। सदन में हंगामा तथा और शोरशराबा बढ़ता रहा तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सुबह 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की सदस्यों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा नहीं रुका तो पीठासीन अधिकारी को सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट में सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
