शिमला/नाहन: हिमाचल प्रदेश में बीती रात से सुबह तक भारी बारिश हुई है. दो जिलों सिरमौर और बिलासपुर में सामान्य से अधिक बरसात देखने को मिली है. सिरमौर के कालाअंब में तो इतना पानी बरसा कि पुल के ऊपर से नदी बहने लगी और ट्रैफिक रुक गया. हालांकि, सुबह खबर लिखे जाने तक कोई नुकसान की सूचना नहीं है. वहीं, किन्नौर जिले लैंडस्लाइड से चौरा से मझगांव रूपी को जोड़ने वाली लिंक रोड बंद हो गई है.
जानकारी के अनुसार, सिरमौर के मैदानी इलाकों में देर रात भारी बारिश से औद्योगिक क्षेत्र कालाअम्ब में जलभराव की समस्या देखने को मिली.जलभराव के चलते NH 07 पर जाम लग गया. वहीं, जिले के गिरि जटोन डैम से गुरुवार सुबह पानी छोड़ा गया है.
उधर, भारी बारिश के चलते सिरमौर के काला अम्ब-त्रिलोकपुर मार्ग पर खेरी पुल पर लंबे समय तक वाहनों की आवाजाही बाधित रहा. जब पानी पुल के ऊपर से बहने लगा और पुल के दोनों तरफ वालों की लंबी कतारें लग गई. सिरमौर में लगातार बारिश के बाद यमुना, गिरी और बाता नदी के जलस्तर में जबरदस्त वृद्धि दर्ज हुई है.
मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र ने बताया कि सिरमौर के धौलाकुआं (AWS) में बीते 12 घंटे में 168.5 एमएम बरसात हुई है. वही, बिलासपुर में 120.4 मिमी, मनाली में 46.0 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 44.2 मिमी, नगरोटा सूरियां में 42.4 मिमी, पांवटा साहिब में 38.4 मिमी, सुजानपुर टीरा में 37.5 मिमी, जट्टों बैराज में 34.6 मिमी, नाहन में 34.1 मिमी और गुलेर में 32.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई.
हिमाचल में मॉनसून का कहर जारी
सूबे में मॉनसून सीजन के 20 दिन में भारी तबाही हुई है और अब तक 85 लोगों की जान गई है. 34 लोग अब भी लापता हैं. मौतों में सड़क हादसे भी शामिल हैं. इस आपदा में 431 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबिक 922 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है. इसी तरह 877 पशुशालाएं और 223 दुकानें जमींदोज हुई हैं. आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट बताती है कि 881 मवेशी और 21 हजार 500 पोल्ट्री वर्ड्स मारे गए हैं. बुधवार देर शाम तक प्रदेश में एक नेशनल हाईवे और 204 सड़कें बंद थी. मंडी के सराज में अब भी राहत और बचाव अभियान चल रहा है और यहां पर अब तक 15 शव बरामद हुए हैं, जबकि 28 लोग लापता है.
