हिमाचलः लोअर बाजार में बेंच लगाने पर तहबाजारियों का विरोध, नगर निगम टीम से हुई तीखी नोकझोंक

शिमला। लोअर बाजार से तहबाजारियों को हटाने के बाद अब बेंच लगाने को लेकर सोमवार को नगर निगम और तहबाजारियों के बीच विवाद हो गया। नगर निगम की टीम जैसे ही बाजार में बेंच लगाने पहुंची, तहबाजारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तीखी नोकझोंक होने लगी। तहबाजारियों ने बेंच लगाने का काम रुकवा दिया और बाजार में प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध के चलते काफी देर तक बाजार का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

तहबाजारियों का कहना था कि नगर निगम ने उन्हें लोअर बाजार में रास्ता खुला रखने के नाम पर हटाया था। निगम का तर्क था कि बाजार का रास्ता खुला रहने से आपात स्थिति में एंबुलेंस, दमकल और अन्य वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से हो सकेगी। अब तहबाजारियों ने सवाल उठाया है कि यदि बाजार में बेंच लगाने के लिए पर्याप्त जगह है तो उन्हें उसी स्थान पर दुकानें लगाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है।

तहबाजारियों का आरोप है कि करीब दो महीने से वे बाजार में कारोबार नहीं कर पा रहे हैं। इससे उनके सामने परिवार का खर्च चलाने और बच्चों की फीस जमा करने तक का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि एक ओर उन्हें दुकानें हटाकर बेरोजगार किया गया और दूसरी ओर उन्हीं स्थानों पर बेंच लगाए जा रहे हैं। विरोध के दौरान नगर निगम की टीम और तहबाजारियों के बीच हुई बहसबाजी देखने के लिए बाजार में लोगों की भीड़ जमा हो गई। इससे राहगीरों को परेशानी हुई और कुछ समय के लिए बाजार में आवाजाही भी प्रभावित रही।

निगम बोला-पर्याप्त जगह वाले स्थानों पर ही लग रहे बेंच
उधर, नगर निगम का कहना है कि बेंच केवल उन्हीं स्थानों पर लगाए जा रहे हैं, जहां पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इनका उद्देश्य बाजार में आने वाले लोगों को बैठने की सुविधा उपलब्ध करवाना है। निगम के अनुसार तहबाजारियों के लिए आजीविका भवन की छत पर स्थान चिन्हित किया गया है और उनके लिए अन्य विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के अनुसार लोअर बाजार सहित नॉन-वेंडिंग जोन में तहबाजारियों को कारोबार के लिए स्थान नहीं दिया जा सकता।

तहबाजारियों ने नियमों के तहत स्थान देने की मांग की
तहबाजारियों का आरोप है कि नगर निगम की कार्रवाई से उन्हें बेरोजगारी की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पहले उन्हें यह कहकर लोअर बाजार से हटाया गया कि उनके बैठने से आपदा की स्थिति में खतरा पैदा हो सकता है और लोगों के चलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। अब उसी क्षेत्र में बेंच लगाए जा रहे हैं। तहबाजारियों ने नगर निगम से मांग की है कि नियमों के तहत उन्हें ऐसा वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए, जहां लोगों की आवाजाही पर्याप्त हो, ताकि वे दोबारा कारोबार शुरू कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।