देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सहकारिता, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शहरी विकास, सैनिक कल्याण और कार्मिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मीडिया को दी।
उत्तराखंड राज्य सहकारी नीति-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए उत्तराखंड राज्य सहकारी नीति-2026 प्रख्यापित किए जाने के प्रस्ताव पर निर्णय लिया। सरकार का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करते हुए इसके माध्यम से विकास और रोजगार के अवसरों का विस्तार करना है।
वेतन लेवल में संशोधन
कैबिनेट ने उत्तराखंड सरकारी सेवक वेतन नियमावली-2016 की अनुसूची-1 में वेतन मैट्रिक्स से संबंधित संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके तहत वेतनमान 1,44,200-2,18,200 के लिए वेतन लेवल-15 के स्थान पर लेवल-14 तथा 1,82,200-2,24,100 के लिए लेवल-16 के स्थान पर लेवल-15 माना जाएगा। विभागीय पद संरचनाओं और सेवा नियमावलियों में भी इसी के अनुरूप संशोधन समझा जाएगा।
ग्रीन सेस में छूट समाप्त करने का निर्णय
मोटर वाहनों पर ग्रीन सेस से संबंधित अधिसूचना में दी गई छूट समाप्त करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि वर्तमान में हाईब्रिड और सीएनजी वाहनों का प्रचलन बढ़ रहा है। सीएनजी वाहनों को मोटरयान कर में छूट दिए जाने से राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में इन वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से कराधान के दायरे में लाने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन का गठन
आम जनता को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके माध्यम से औषधियों, सर्जिकल सामग्री, रसायन, उपकरण और इंप्लांट्स की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
इसके साथ ही उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह ‘क’, ‘ख’ एवं ‘ग’ सेवा नियमावली-2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया।
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज की एक एकड़ भूमि एनसीडीसी को लीज पर
कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में उपलब्ध 65 एकड़ भूमि में से एक एकड़ भूमि राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), नई दिल्ली को 99 वर्ष की लीज पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। भूमि एक रुपये के लीज मूल्य पर दिए जाने का प्रस्ताव है।
कारागार विभाग में पदोन्नति कोटा निर्धारित
कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की अधीनस्थ संरचना में उप कारापाल के 25 प्रतिशत पदोन्नति कोटे में 90 प्रतिशत प्रधान बंदीरक्षक और 10 प्रतिशत महिला बंदीरक्षक से पदोन्नति का प्रावधान किया गया है। इसके लिए उत्तराखंड कारागार उप कारापाल अधीनस्थ (अराजपत्रित) सेवा संशोधन नियमावली-2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी गई।
लोकायुक्त सर्च कमेटी के लिए नई नियमावली
उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम के तहत लोकायुक्त संस्था के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए उपयुक्त नामों का पैनल तैयार करने वाली लोकायुक्त खोजबीन समिति (सर्च कमेटी) के कार्यों का निर्धारण करने के लिए नियमावली-2026 तैयार किए जाने का निर्णय लिया गया।
आबादी क्षेत्रों का होगा आधुनिक सर्वेक्षण
प्रदेश के राजस्व अभिलेखों में दर्ज आबादी क्षेत्रों की भूमि का आधुनिक तकनीक से सर्वेक्षण कराने के लिए उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 प्रख्यापित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके अलावा उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कार्मिकों के अन्य विभागों में सेवा स्थानांतरण से संबंधित प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया गया।
काठबंगला में 116 आवास मलिन बस्ती के पात्र परिवारों को मिलेंगे
नगर निगम देहरादून के काठबंगला क्षेत्र में 116 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। कैबिनेट ने रिस्पना नदी के किनारे काठबंगला के निकट मलिन बस्ती में रहने वाले परिवारों में से नगर निगम द्वारा चयनित पात्र लाभार्थियों को इन आवासों के आवंटन को मंजूरी दी।
यूयूएसडीए में 94 अस्थायी पदों का सृजन
राज्य के विभिन्न नगर निकायों में सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं के सुचारू संचालन के लिए यूयूएसडीए (UUSDA) के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। इसके तहत कुल 94 अस्थायी (निःसंवर्गीय) पदों का सृजन किया जाएगा।
उपनल कर्मचारियों को तीन चरणों में मिलेगा समान कार्य-समान वेतन
कैबिनेट ने उपनल कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में देने पर सहमति जताई। पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पूर्व नियुक्त कार्मिकों के संबंध में कार्रवाई चल रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को इस लाभ के लिए विचार में लिया जाएगा, जिसकी कार्रवाई 9 नवंबर 2026 से शुरू होगी।
तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त उपनल कार्मिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन की कार्रवाई 1 अप्रैल 2027 से शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही कृत्रिम ब्रेक के कारण सेवा में आए व्यवधान को देखते हुए 1 जनवरी 2016 से पूर्व कार्यरत और वर्तमान में भी कार्यरत उपनल कार्मिकों को शासनादेश के तहत न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ देने का निर्णय लिया गया।
यदि किसी विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में अतिरिक्त उपनल कर्मचारी कार्यरत हैं, तो नियुक्ति की तिथि के आधार पर वरीयता तय कर उन्हें पहले स्वीकृत पदों के सापेक्ष नियोजित माना जाएगा। समायोजन अथवा अधिसंख्य पदों के सृजन पर त्वरित निर्णय के लिए शासन स्तर पर अलग समिति गठित की जाएगी।
पूर्व उपनल कर्मियों को भी मिलेगा वेतन संबंधी लाभ
उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में प्रत्यक्ष अनुबंध पर कार्यरत पूर्व उपनल कर्मचारियों को वेतनमान का न्यूनतम और परिवर्तनीय महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया गया।
सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सेवामुक्त अग्निवीरों से संबंधित मामलों के लिए राज्य स्तर पर समर्पित अग्निवीर प्रकोष्ठ स्थापित करने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके प्रभावी संचालन के लिए संविदा के आधार पर छह पदों का सृजन किया जाएगा। प्रकोष्ठ का उद्देश्य सेवामुक्त अग्निवीरों को रोजगार, मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में सहायता करना होगा।
1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद को मंजूरी
ऊर्जा सुरक्षा और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को अडानी पावर लिमिटेड से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की मंजूरी दी गई। इसमें 1234 मेगावाट अनुबंधित क्षमता शामिल है। कुल टैरिफ ₹5.746 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है।
कैबिनेट ने यूपीसीएल को अडानी पावर के साथ बिजली आपूर्ति समझौते और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने, आवश्यक शर्तें पूरी करने तथा नियामक आयोग से वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए अधिकृत किया है।
शहीद सैनिकों की मूर्तियां पैतृक गांवों में होंगी स्थापित
कैबिनेट ने उत्तराखंड के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य शहीदों के बलिदान और राष्ट्र सेवा की भावना को सम्मान देना तथा नई पीढ़ी को उनके योगदान से प्रेरित करना है।