पहाड़ में दूरी हो सकती है, ज्ञान की पहुंच में नहीं, मुक्त ज्ञान कोष के शुभारंभ पर बोले राज्यपाल

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मंगलवार को लोक भवन में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी द्वारा विकसित डिजिटल शैक्षणिक मंच “मुक्त ज्ञान कोष” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी सहित पूरी टीम को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बधाई दी।

राज्यपाल ने कहा कि “मुक्त ज्ञान कोष” केवल एक डिजिटल मंच नहीं, बल्कि ज्ञान को समाज की शक्ति और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इस डिजिटल मंच की उपयोगिता और भी बढ़ जाती है। राज्य के अनेक विद्यार्थी पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहते हैं। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री को डिजिटल माध्यम से गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, “पहाड़ में दूरी हो सकती है, लेकिन ज्ञान की पहुंच में दूरी नहीं होनी चाहिए।” राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान की पहुंच बढ़ने से अवसरों का विस्तार होगा, अवसर मिलने से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मार्ग मिलेगा और प्रतिभाओं का विकास उत्तराखण्ड की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा।

विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए व्यापक डिजिटल मंच
उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा विकसित “मुक्त ज्ञान कोष” में विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए अध्ययन एवं शोध से संबंधित उपयोगी सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें विश्वविद्यालय की ई-पुस्तकों और अन्य अध्ययन सामग्री के साथ देश-विदेश के विश्वसनीय शैक्षणिक स्रोतों से जुड़ी सामग्री भी शामिल की गई है।

मंच पर शिक्षकों के शोध कार्य, शोध-पत्र, शोध से संबंधित डेटा, शोध प्रबंध और विश्वविद्यालय से संबंधित विभिन्न ज्ञान सामग्री भी उपलब्ध है। इसके साथ ही देश-विदेश के अन्य मुक्त शैक्षणिक संसाधनों को खोजने की सुविधा प्रदान की गई है। इससे विद्यार्थी और शोधार्थी अध्ययन, शोध तथा नई जानकारी प्राप्त करने के लिए इस मंच का व्यापक रूप से उपयोग कर सकेंगे।

शिक्षा में निवेश राष्ट्र के भविष्य में निवेश
राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण ज्ञानवान, कुशल, चरित्रवान और जिम्मेदार नागरिकों से होगा। शिक्षा में किया गया प्रत्येक निवेश राष्ट्र के भविष्य में निवेश है। उन्होंने कहा कि ज्ञान युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ ही देश की विकास यात्रा को गति प्रदान करता है।

इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, कुलसचिव श्री खेमराज भट्ट, स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस एवं आईटी के निदेशक प्रो. जीतेंद्र पाण्डे, स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज के निदेशक प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट तथा स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन के निदेशक प्रो. राकेश रयाल सहित अन्य अधिकारी एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।