देहरादून। उत्तराखंड में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खनन विभाग ने डिजिटल निगरानी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक ई-चेक गेट स्थापित किए जा रहे हैं। इस संबंध में खनन विभाग के निदेशक राजपाल लेघा की अध्यक्षता में आईटीआई लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
ई-चेक गेट पूरी तरह मानवरहित प्रणाली पर आधारित होंगे और आधुनिक सर्विलांस तकनीक से लैस किए जाएंगे। इनमें एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे, फोकल कैमरे और आरएफआईडी रीडर जैसे अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे।
यह प्रणाली वाहनों की 24 घंटे निगरानी करेगी। एएनपीआर कैमरों के माध्यम से वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान, फोकल कैमरों से विजुअल डेटा रिकॉर्डिंग और आरएफआईडी तकनीक के जरिए इलेक्ट्रॉनिक परमिट का सत्यापन किया जा सकेगा। इससे खनिजों के परिवहन की प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
खनन विभाग की इस पहल का उद्देश्य अवैध खनन और खनिज संपदा के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ ही पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। पर्वतीय क्षेत्रों में ई-चेक गेट स्थापित होने से निगरानी तंत्र मजबूत होने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।