देहरादून। प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाताओं के दस्तावेजों के समयबद्ध सत्यापन को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बी. वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित विभागों के निदेशकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए दस्तावेजों के त्वरित सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेजों, जिनमें शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर प्रमुख हैं, का निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर तैनात नोडल अधिकारियों के साथ प्रभावी समन्वय बनाए रखते हुए राज्य स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जाए, ताकि सुनवाई के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में विभिन्न दस्तावेजों के सत्यापन के लिए विभागवार नोडल अधिकारी भी नामित किए गए। मैट्रिकुलेशन एवं शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए माध्यमिक शिक्षा एवं उच्च शिक्षा निदेशक, स्थायी निवास, जाति एवं भवन आवंटन प्रमाण पत्रों के लिए राजस्व परिषद, जन्म प्रमाण पत्रों के लिए शहरी विकास एवं स्वास्थ्य विभाग, परिवार रजिस्टर और भवन आवंटन संबंधी अभिलेखों के लिए पंचायतीराज विभाग तथा विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के सत्यापन हेतु आईटीडीए को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी सहित उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, शहरी विकास, पंचायतीराज, स्वास्थ्य, राजस्व विभाग तथा आईटीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि SIR अभियान के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और समन्वित ढंग से पूरी की जाए।