अमरीका में घिरे राष्ट्रपति ट्रंप, नए टैरिफ के खिलाफ एकजुट हुए 20 से ज्यादा राज्य, दर्ज कराया मुकदमा

वाशिंगटन: मिडल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बुरी खबर आई। एक ओर ईरान पर हमले के कारण वह आलोचना झेल रहे हैं। दूसरी ओर, नए टैरिफ के खिलाफ भी कोर्ट केस दायर हो गया है। अमरीका के ही करीब 20 राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लगाए गए नए टैरिफ को लेकर मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि ट्रंप अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और व्यापार घाटा कम नहीं हो रहा, इसलिए नए टैरिफ रद्द किए जाएं। बता दें कि कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, इलिनोइस, मेन, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, मिशिगन, मिनेसोटा, नेवादा, न्यू जर्सी, न्यू मैक्सिको, नॉर्थ कैरोलिना, रोड आइलैंड, वर्मोंट, वर्जीनिया, वाशिंगटन, विस्कॉन्सिन के अटॉर्नी जनरल, केंटकी और पेंसिल्वेनिया के गवर्नर ने मुकदमा दायर किया है।

वहीं मुकदमे की अगवाई ओरेगन, एरिजोना, कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल कर रहे हैं। इनकी तरफ से याचिका दायर की गई और वकील को हायर करके दलीलें देने को कहा गया। ओरेगॉन के अटॉर्नी जनरल डैन रेफील्ड कहते हैं कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को अवैध करार दिया था और सरकार को लोगों के पैसे वापस करने चाहिए, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने धारा 122 का हवाला देकर 15 प्रतिशत नया टैरिफ लगा दिया। इससे राज्य सरकारों, बिजनेस-इंडस्ट्री और उपभोक्ताओं के लिए लागत बढ़ गई है।

युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव गिरा
वाशिंगटन। अमरीका के ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमलों को रोकने संबंधी शक्तियां को सीमित करने वाला लाया गया ‘वार पावर्स रेजोल्यूशन’ प्रस्ताव गिर गया। एक दिन पहले यह प्रस्ताव सेनेट में भी खारिज हो चुका है। निचले सदन में इस प्रस्ताव के खिलाफ 219 मत पड़े, जबकि पक्ष में 212 मत। इस प्रस्ताव का उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप को कांग्रेस की मंजूरी के बिना ईरान पर भविष्य में कोई भी सैन्य हमला करने से रोकना था।