ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और तीन दशकों से अधिक समय तक देश के राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहीं बेगम खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। उनके बेटे तारेक रहमान, जो स्वेच्छा से ब्रिटेन में निर्वासन में चले गए थे, चुनाव लडऩे और अपनी बीमार मां को देखने के लिए हाल ही में स्वदेश वापस लौटे थे। बेगम जिया ने नेतृत्व वाली बंगलादेश राष्ट्रवादी पार्टी ने उनके निधन की पुष्टि की। उनका निधन ढाका के एवरकेयर अस्पताल में आज सुबह छह बजे हुआ, जहां पिछले पांच हफ्तों से उनका इलाज चल रहा था।
पार्टी अधिकारियों ने कहा कि बेगम जिया को 23 नवंबर को दिल और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें निमोनिया भी था और हाल के दिनों में उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। एक बयान में बीएनपी ने कहा कि बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का आज सुबह 6 बजे फज्र की नमाज के तुरंत बाद निधन हो गया। उनकी मौत एक युग का अंत है और इससे उनकी पार्टी को चुनावी अभियान में मदद मिलने की संभावना है, क्योंकि दिवंगत नेता के प्रति मतदाताओं की सहानुभूति बढऩे की उम्मीद है। उनके पति जनरल जिया उर रहमान एक स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व सैन्य शासक थे। बेगम जिया दो बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं, पहली बार 1991 से 1996 तक और फिर 2001 से 2006 तक और वह लोकतांत्रिक चुनाव के माध्यम से इस पद पर आसीन होने वाली देश की पहली महिला थीं। अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ उन्होंने बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य पर अपना दबदबा कायम रखा और दशकों तक उनकी प्रतिद्वंद्विता ने देश के शासन और राजनीति को प्रभावित किया।
पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार बुधवार को राजधानी के मानिक मियां एवेन्यू में होने का अनुमान है। प्रोथोम आलो ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि खालिदा जिया का नमाज-ए-जनाजा बुधवार को ढाका के मानिक मियां एवेन्यू में हो सकता है। बेगम जिया ने नेतृत्व वाली बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी ने उनके निधन की पुष्टि की। उनका निधन ढाका के एवरकेयर अस्पताल में आज सुबह छह बजे हुआ, जहां पिछले पांच हफ्तों से उनका इलाज चल रहा था।
