देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में आज भव्यता और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला। देशभर से आए लगभग 1500 से अधिक प्रतिनिधियों ने जब शहर में शोभायात्रा निकाली, तो स्थानीय जनता ने उनका दिल खोलकर स्वागत किया।
शोभायात्रा के मार्ग में देहरादून की जनता ने भारी उत्साह, सम्मान और आत्मीयता के साथ प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण किसी उत्सव जैसा बन गया। इस दृश्य ने संगठन के प्रति जनसमर्थन और देश की सांस्कृतिक एकता का सुंदर प्रतीक प्रस्तुत किया। शोभायात्रा में शामिल प्रतिनिधि ‘कश्मीर से कन्याकुमारी, भारत माता एक हमारी’ जैसे नारों से जोश भर रहे थे।
यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 28 से 30 नवंबर 2025 तक देहरादून के परेड ग्राउंड में अस्थायी रूप से बसाए गए ‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में चल रहा है। अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, समाज, पर्यावरण, सुरक्षा, सेवा, खेल और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण समसामयिक विषयों पर गहन चिंतन-मंथन करना है।
अधिवेशन का उद्घाटन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने किया। उन्होंने युवाओं के ज्ञान, तकनीक और शक्ति को राष्ट्र के उत्थान के लिए निर्णायक बताया। उद्घाटन सत्र में संगठन द्वारा 77 लाख की सदस्यता का नया रिकॉर्ड बनाए जाने की घोषणा की गई। अधिवेशन का मुख्य सभागार भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत को समर्पित किया गया है। अधिवेशन में ‘रानी अब्बक्का प्रदर्शनी’ भी प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।
यह राष्ट्रीय अधिवेशन देशभर के युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने और ‘राष्ट्र प्रथम’ के विचार को अग्रणी रखने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
